अगर आप किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं और उसमें आपका हिंदी विषय है तो हम आपके लिए हिंदी व्याकरण से संबंधित टॉपिक वाइज शॉर्ट नोट्स उपलब्ध करवाते रहते हैं और आज हम हिंदी व्याकरण के एक महत्वपूर्ण टॉपिक हिन्दी व्याकरण नोट्स | Hindi Grammar Notes in Hindi | क्रिया की परिभाषा एवं प्रकार के बारे में आपको नोट्स उपलब्ध करवा रहे हैं

 हिंदी व्याकरण | Kriya ki paribhahsa avm Kriya ke parkar के यह नोट साहब को अनेक परीक्षाओं में काम आएंगे इसलिए आपसे अच्छे से जरूर पढ़ ले क्रिया से संबंधित लगभग सभी टॉपिक हमने इस पोस्ट में कवर किए हैं

क्रिया की परिभाषा एवं प्रकार  

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 क्रिया का अर्थ– काम / कार्य

1. अकर्मक क्रिया (Intransitive verb)– जिन क्रियाओं के व्यापार का फल कर्ता पर पड़ता है, उन्हें अकर्मक क्रिया कहते हैं; जैसे– सोना, हँसना, बैठना, उठना इत्यादि।
• इस प्रकार की क्रिया का प्रयोग करते समय वाक्य में कर्म की आवश्यकता नहीं होती है।
विशेष– अकर्मक क्रिया युक्त वाक्य में कर्ता तथा क्रिया ही महत्त्वपूर्ण होते हैं; जैसे–

वाक्यकर्ताक्रिया
प्रिया हँसती है।प्रियाहँसती है।
हवा चलती है।हवाचलती है।
शेखर नहाता है।शेखरनहाता है।

• इस प्रकार के वाक्यों में कर्म छोड़कर अन्य कारक भी हो सकते हैं; जैसे–

वाक्यकर्ताक्रियाकारक
बालक गेंद से खेलता है।बालक खेलता है।गेंद से(करण कारक)
चिड़िया पेड़ पर बैठी है।चिड़िया बैठी है।पेड़ पर(अधिकरण कारक)


2. सकर्मक क्रिया (Transitive verb)– जिन क्रियाओं के व्यापार का फल कर्म पर पड़ता है, उन्हें सकर्मक क्रिया कहते हैं; जैसे–  पढ़ना, खाना, गाना, देखना, धोना इत्यादि।

वाक्यकर्ताकर्मक्रिया
कुम्हार घड़े बनाता है।कुम्हारघड़ेबनाता है।
माँ पत्र लिखती है।माँपत्रलिखती हैं।

सकर्मक क्रिया के दो भेद

1. एककर्मक क्रिया– जिस क्रिया का केवल एक कर्म हो, उसे एककर्मक क्रिया कहते हैं; जैसे– माँ खाना बना रही हैं। इस वाक्य में ‘खाना’ एक कर्म आया है। अत: यहाँ ‘बना रही है’ एककर्मक क्रिया है।

2. द्विकर्मक क्रिया– जिस क्रिया के दो कर्म होते हैं, वहाँ द्विकर्मक क्रिया होती है, अर्थात् वाक्य में क्रिया से प्रश्न करने पर ‘क्या’ एवं ‘किसे’ (किसको) दोनों ही प्रश्नों का उत्तर मिले, तो वहाँ द्विकर्मक क्रिया होती है; जैसे– माँ ने बच्चे को दूध पिलाया।
(i) भूतकालिक क्रिया– क्रिया का वह रूप जिसके द्वारा बीते हुए समय अर्थात् भूतकाल में कार्य के समाप्त होने का बोध हो, उसे ‘भूतकालिक क्रिया’ कहते हैं; जैसे– उसने बहुत सुंदर चित्र बनाया।

(ii) वर्तमानकालिक क्रिया – क्रिया का वह रूप जिसके द्वारा कार्य का वर्तमान में होने का बोध हो, उसे ‘वर्तमानकालिक क्रिया’ कहते हैं; जैसे– वह खेल रहा है।

(i) संयुक्त क्रिया– दो या दो से अधिक क्रियाओं के मेल को ‘संयुक्त क्रिया’ कहते हैं; जैसे–
बरात आ गई है। उसका स्वागत करो।
इस वाक्य में ‘आ गई’ मुख्य क्रिया तथा ‘स्वागत करो’ सहायक क्रिया है।
• ध्यातव्य रहे– संयुक्त क्रिया में मुख्य क्रिया के साथ एक से अधिक सहायक क्रिया भी हो सकती है।

(ii) नामधातु क्रिया– संज्ञा, सर्वनाम व विशेषण से जो धातु बनती है, उसे नामधातु कहते हैं; जैसे– बात (संज्ञा) – बतियाना (नामधातु)

(iii) प्रेरणार्थक क्रिया– जब कर्ता स्वयं कार्य न करके किसी दूसरे से कार्य करवाता है या करने की प्रेरणा देता है, उसे प्रेरणार्थक क्रिया कहते हैं; जैसे– अध्यापक ने छात्रों से पुस्तक पढ़वाई।

(iv) पूर्वकालिक क्रिया– जब कर्ता अपनी पहली क्रिया पूरी करके दूसरी क्रिया करता है तो पहली वाली संपन्न क्रिया को पूर्वकालिक क्रिया कहा जाता हैं; जैसे–
वह खेलकर सो गया।
यहाँ खेलना क्रिया पूर्वकालिक क्रिया है।
• ध्यातव्य रहे– मूल धातु में ‘कर’ लगाने से उसे पूर्वकालिक क्रिया का रूप दिया जाता है। पूर्वकालिक क्रिया में लिंग, वचन, काल एवं पुरुष का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। पूर्वकालिक क्रिया को ही पूर्णकालिक क्रिया कहा जाता है।

(v) कृदन्त क्रिया– ‘कृत’ प्रत्यय से मिलकर बने शब्दों को कृदन्त कहते हैं और जिन शब्दों में अंत में कृत से बनी क्रिया जुड़ती हो, उसे कृदन्त क्रिया कहते हैं; जैसे– पढ़ क्रिया है और इसमें ‘कृत’ प्रत्यय लगाने से यह ‘पढ़कर’ बनता है, यह कृदन्त क्रिया है।

• अन्य क्रिया–

• मुख्य क्रिया– जहाँ क्रिया एक पद में प्रकट होती है, वहाँ वही मुख्य क्रिया होती है; जैसे– ‘प्रेम गया’। यहाँ ‘गया’ ही मुख्य क्रिया है। यहाँ ‘कर्ता’ (प्रेम) के मुख्य व्यापार को व्यक्त कर रही ही है।

• सहायक क्रिया– जो क्रिया पदबंध में मुख्य अर्थ न देकर उसकी सहायक हो। उसका काल, पक्ष, वृत्ति (मूड), वाच्य, रंगत (रंजकता) आदि प्रकट करती हो; जैसे–  
1. मैं सवेरे सैर पर जाया करती हूँ।
2. अब वह नाचने लगा है। 
3. मैं पत्र पढ़ चुका हूँ।  
4. प्रियांशी बहुत रो रही है। 
5. मैं पढ़ लिया करता हूँ। 
6. उसकी तेजी बढ़ती जा रही है।

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अंतिम शब्द :

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